गुड़ की भेली सा है ये इश्क़
गुनगुनाती धूप में
गेहूं के बालियों की
अठखेली सा है ये इश्क़
सुबह का अहसास है ये इश्क़
मेरे साये सा ये इश्क़
रगों में लहू सा दौड़े इश्क़
मुनिया की गुड़िया सा है ये इश्क़
हाय इश्क़ इश्क़ ये इश्क़....
मेरा वजूद इश्क़, मेरी कज़ा इश्क़
कभी हँसता मुझमें कभी रोता इश्क़
बहुत बेवफा है, मगर वफा भी इश्क़
पुरानी संदूक के कोने में दुबका इश्क़
कान-पालि में झूमती बालियां है ये इश्क़
हाय इश्क़ इश्क़ ये इश्क़....
हयात-ए-हया है हाय ये इश्क़
मीरा का जहर का प्याला है ये इश्क़
प्यार की मधुशाला है ये इश्क़
डुबोये कभी...कभी उबारे है इश्क़
तूफान में तिनकों के सहारे है इश्क़
हाय इश्क़ इश्क़ ये इश्क़....
और क्या कहूँ के क्या है ये इश्क़
कुछ तेरे जैसा,कुछ मेरे जैसा है इश्क़
आँखों में ख्वाब सजाये ये इश्क़
दिल में लाखों अरमां जगाये ये इश्क़
हाय इश्क़ इश्क़ ये इश्क़....
मैं और तू है ये इश्क़
जिंदगी में फागुन सा है ये इश्क़
तुझमें मुझसा और मुझमें तुझसा है ये इश्क़
अब्र सांसों का, भरोसा मुफलिसी का इश्क़
हाय इश्क़ इश्क़ ये इश्क़....
हज़ारों मर्ज़ है दवा भी इश्क़
गुब्बारे में भरती साँस सा ये इश्क़
जुदा होकर भी साथ होने का एहसास ये इश्क़
बड़ा तेज़ है, एक दिन मारेगा ये इश्क़
हाय इश्क़ इश्क़ ये इश्क़....
(~सह-भागिता - आनंद खत्री, अनिता शर्मा, अन्जली ओझा, गुंजन अग्रवाल 'चारू' , राजेश सिक्का, फ़र्रुख नदीम, विकास त्रिपाठी )
17/03/16

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