Sunday, 24 April 2016

सह-भागिता # 26 - वो हसीं मौसम, इबादत-रात और तुम



वो हसीं मौसम, इबादत-रात और तुम
सर्द हवाएं भीगे से जज्बात और तुम
बदलते मौसम एक सौगात और तुम
खनकती चूड़ियाँ तुम ख्याल और तुम
ख्याल मनुहार आया बुखार और तुम
न हो तुम और फिर भी मुझमें तुम
मेरे जीने की वजह बस तुम ही तुम
इश्क़ में हम और मोहब्बत में तुम
दूर भी तुम और पास भी तुम
उजागर हो गये जस्बात बेबात और तुम
छूये नर्म निगाहों से मेरे जज़्बात, रात और तुम
मुकम्मल हो गयी सभी फ़रियाद और तुम ..
गुज़रती रातों वो तारों की बारात और तुम...
रेगिस्तानी मृगतृष्णा से होकर भी नहीं तुम


(सह-भागिता - आनंद खत्री,अनिता शर्मा,गुंजन अग्रवाल 'चारू' ,रिपुदमन मागों ,राजेश सिक्का,विकास त्रिपाठी,उत्कर्ष सिंह सोमवंशी)


25/03/16


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